A collection of my thoughts!

I can’t even remember when exactly I started writing poetry. At times I feel I have been writing since ages.

दिल की आवाज़ है शायरी, रूह का अंदाज़ है शायरी,
तन्हाई में हमसफ़र, ख्यालों को परवाज़ है शायरी,
देखना ज़ाहिर न कर दे ये हर राज़,
ज़िन्दगी के हर पल का मिजाज़ है शायरी !